Published On: Mon, Jan 29th, 2018

आर्थिक सर्वे: सरकार की सबसे बड़ी आशंका, कच्चा तेल होगा 12% महंगा

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आगामी 1 फरवरी को पेश होने वाले मोदी सरकार के आखिरी पूर्ण बजट से पहले सोमवार को आर्थिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इसमें सरकार की कई प्रमुख चिंताएं उभरकर सामने आई हैं। यह सर्वे बताता है कि आम बजट 2018 के दौरान बढ़ता क्रूड, बेलगाम होती महंगाई और पर्याप्त संख्या में रोजगार न पैदा होना सरकार की प्रमुख चिंताएं हैं जिसका असर आम बजट 2018 में भी देखने को मिल सकता है। गौरतलब है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली 1 फरवरी 2018 को अपना चौथा पूर्णकालिक आम बजट पेश करेंगे जो कि एनडीए सरकार का भी आखिरी पूर्णकालिक बजट होगा।

महंगा क्रूड सरकार की बड़ी चिंता: मौजूदा समय में महंगा होता क्रूड सरकार की प्रमुख चिंता बना हुआ है। सरकार हर हाल में महंगे क्रूड के असर को आम जनता पर कम करना चाहेगी। माना जा रहा है कि क्रूड में इस साल 12 फीसद का इजाफा हो सकता है। वर्तमान समय में WTI क्रूड 66.11 डॉलर प्रति बैरल पर और ब्रेंट क्रूड 70.30 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

महंगाई के मोर्चे पर भी कम नहीं है चुनौती: महंगाई के मोर्चे पर भी सरकार की मुश्किलें कम नहीं हैं। सरकार को हर हाल में महंगाई को थामने के तेज प्रयास करने होंगे। अगर मुद्रास्फीति मौजूदा स्तरों से नहीं हटती तो नीतिगत दरों को स्थिर रहने की उम्मीद की जा सकती है। वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान सीपीआई इन्फ्लेशन 3.7 फीसद के आसपास रह सकती है। आपको बता दें कि जहां एक ओर दिसंबर महीनें में थोक महंगाई ने थोड़ी राहत दी वहीं खुदरा महंगाई का दिसंबर में बढ़ना जारी रहा। दिसंबर महीने में थोक महंगाई दर घटकर 3.58 फीसद के स्तर पर आ गई। नवंबर महीने में यह 3.93 फीसद रही थी। वहीं दूसरी तरफ दिसंबर महीने में सीपीआई इन्फ्लेशन 5.21 फीसद रही है जो कि नवंबर महीने में 4.88 फीसद रही थी। साल 2017 के आखिरी महीने में सीपीआई महंगाई के 5.12 फीसद पर रहने का अनुमान लगाया गया था।

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