Published On: Thu, Oct 4th, 2018

खुद को किसान साबित नहीं कर सके मंडी अध्यक्ष, निर्वाचन शून्य

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कृषि उपजमंडी के अध्यक्ष राजाबाबू सोनकर का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया गया है। कमिश्नर आशुतोष अवस्थी की कोर्ट ने बुधवार को इस बारे में अंतिम आदेश जारी कर दिया। इस मामले में पूर्व कमिश्नर गुलशन बामरा 2017 में ही चुनाव शून्य करने वाले आदेश जारी कर चुके थे, लेकिन इस आदेश को हाइकोर्ट में चुनौती दी गई। कोर्ट ने कमिश्नर को मंडी अध्यक्ष के बयान लेने और पुनः याचिका निर्धारण के आदेश दिए। बावजूद इसके मंडी अध्यक्ष अपना पक्ष कमिश्नर कोर्ट के सामने नहीं रख सके और पेश होने की जगह उन्होंने आपत्तियां ही दर्ज कराई। कमिश्नर कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि मंडी अध्यक्ष किसान की श्रेणी में नहीं आते हैं। इसलिए मंडी समिति के कृषक सदस्य के पद का निर्वाचन शून्य घोषित किया जाता है।

मंडी अध्यक्ष पद का चुनाव साल 2012 में हुआ था। चुनाव के बाद याचिकाकर्ता शंभूनाथ सोनकर ने कमिश्नर कोर्ट में साल 2013 में याचिका के जरिए मामला दायर किया। जिसमें बताया कि मंडी अध्यक्ष पद के लिए संबंधित व्यक्ति का किसान होना या किसान की श्रेणी में आना जरूरी है। जबकि राजा बाबू सोनकर किसान की श्रेणी में नहीं आते हैं।

– तत्कालीन कमिश्नर गुलशन बामरा ने सभी तथ्यों व सुनवाई के आधार पर 15 फरवरी 2017 को मंडी अध्यक्ष का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया

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