नई दिल्ली। पिछले कुछ समय से देश में विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दल केंद्र सरकार को निशाने पर लेते आ रहे हैं। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक इंटरव्यू में इन सभी मुद्दों पर बेबाक तरीके से बोलते हुए अपनी बात रखी। असम में एनआरसी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि भारत के किसी भी नागरिक को देश नहीं छोड़ना होगा। उचित प्रक्रिया को अपनाकर इससे जुड़े लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए सभी संभावित अवसर दिए जाएंगे।

पीएम मोदी ने शनिवार को दिए साक्षात्कार में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गृहयुद्ध वाले बयान पर तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “जो लोग खुद में विश्वास खो चुके हैं, लोगों का समर्थन खोने का डर है और जिन्हें हमारी संस्थाओं में विश्वास नहीं है, वही लोग गृह युद्ध, रक्तपात और देश के टुकड़े-टुकड़े जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। निसंदेह, वे लोग देश की नब्ज को पकड़ने में असफल हो चुके हैं।”

पीएम मोदी ने दावा किया कि पिछले साल एक करोड़ से ज्यादा लोगों को नौकरी दी गई। ऐसे में ये अभियान बंद हो जाना चाहिए कि देश के लोगों को नौकरियां नहीं मिल रही हैं।

मॉब लिंचिंग की एक भी घटना दुर्भाग्यपूर्ण :

महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार और मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर कुछ नहीं बोलने के आरोपों पर प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी पार्टी और मैंने, इन मुद्दों पर कई मौकों पर बोला है कि हम ऐसी मानसिकता और कार्यों के खिलाफ हैं। यहां तक कि एक भी घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है चाहे उसका उद्देश्य कुछ भी हो। समाज में शांति और एकता सुनिश्चित करने के लिए हर किसी को राजनीति से ऊपर उठना चाहिए।”

जीएसटी पर जनता ने दिया जवाब :

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स कहे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात चुनाव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने लोगों को जीएसटी के खिलाफ भड़काने की पूरी कोशिश की लेकिन लोगों ने उन्हें स्वीकार नहीं किया।

राहुल के आंख मारने पर निशाना :

राहुल गांधी के उन्हें संसद में गले लगाने पर मोदी ने कहा कि यह आपके ऊपर है कि आप इसे बचकानी हरकत मानते हैं या नहीं। अगर आप फैसला नहीं कर पा रहें हैं तो राहुल गांधी का वह आंख मारना देखिए आपको जवाब मिल जाएगा।

महागठबंधन है परिवारवाद :

महागठबंधन के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि महागठबंधन परिवारवाद के बारे में है, न कि विकास के बारे में। एकमात्र सवाल यह है कि क्या वे चुनाव से पहले टूटेंगे या बाद में।

मैं एक विनम्र कामदार :

संसद में चली नामदार बनाम कामदार की चर्चा पर प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं एक विनम्र कामदार हूं। मैं इस देश के नामदारों की तुलना में कुछ भी नहीं हूं। इनके पास स्वयं को आयोजित करने की अपनी अनूठी शैली है। वे तय करते हैं कि किससे घृणा करनी है और किससे प्यार करना है। फिर इसका शो कैसे बनाना है। इन सब में मेरे जैसे कामदार क्या कह सकते हैं?

आरक्षण बना रहेगा :

आरक्षण पर लोगों की शंकाओं को साफ करते हुए उन्होंने कहा कि आरक्षण बना रहेगा, इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए।

कश्मीर में अपेक्षाएं पूरी करने में बाधाएं थीं :

जम्मू-कश्मीर में भाजपा और पीडीपी के गठबंधन के सवाल पर मोदी ने कहा कि मुफ्ती साहब के दुखद निधन के बाद लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने में बाधाएं थीं। यही कारण है कि हम किसी भी तरह की छेड़छाड़ किए बिना सत्ता से बाहर निकले।

हम पड़ोसी देशों से अच्छे संबंधों के पक्षधर :

इमरान खान के सत्ता संभालने के बाद पाकिस्तान से संबंधों और दक्षेस में भारत के भाग लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम पड़ोसी देशों से अच्छे संबंधों के पक्षधर रहे हैं। मैंने चुनाव में इमरान खान की जीत के बाद उन्हें बधाई दी थी। हम आशा करते हैं कि पाकिस्तान आतंक और हिंसा से मुक्त, सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध क्षेत्र के लिए काम करे