Published On: Sat, May 19th, 2018

मेट्रो रूट के रास्ते में है 900 से अधिक अतिक्रमण और हाईटेंशन लाइन

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भोपाल में मेट्रो चलाने के लिए मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने दो रूट फाइनल कर दिए हैं। इनके लिए बजट भी स्वीकृत हो गया है। लेकिन, इन रूट में 900 अतिक्रमण और हाईटेंशन लाइन बाधक बन रही है। अतिक्रमण को हटाने के लिए मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने कलेक्टर को निर्देश दे दिए हैं। वहीं, मेट्रो ट्रेन लाइन के बीच आ रही 132 केवी की हाईटेंशन लाइन हटाने का सर्वे कार्य भी पूरा हो गया है। बिजली कंपनी और जिला प्रशासन की मदद से इसे हटवाया जाएगा।

बैरागढ़, लालघाटी, मनुआभान टेकरी, करोंद चौराहा, मिसरोद, चूना भट्टी चौराहा और गोविंदपुरा इंडस्ट्री एरिया में हाईटेंशन लाइन आड़े आ रही है। बोगदा पुल, सुभाष नगर अंडरब्रिज, हबीबगंज नाका, अलकापुरी बस स्टैंड और एम्स के पास बनी अवैध झुग्गियां इस रूट में बाधक साबित हो रही हैं। वहीं, दूसरा रूट जो कि भदभदा डिपो चौराहे से होते हुए गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया जाएगा इसमें भी झुग्गियां बनी हुई हैं। दरअसल, यह कवायद जमीन आवंटन संबंधी फाइल राज्य शासन से लौटने तथा अन्य जानकारी के साथ भेजने के निर्देश के चलते की जा रही है।

स्टड फार्म पर इसलिए चाहिए जमीन –

मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए यूरोपियन इंवेस्टमेंट बैंक (ईआईबी) से कर्ज लेने की कवायद जारी है। बैंक से सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। इधर, मेट्रो कंपनी जनरल कंसल्टेंट की नियुक्ति करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। कर्ज मिलने के बाद काम शुरू होगा।

पुल बोगदा में प्रस्तावित दो रूट आकर मिल रहे हैं। जिससे इसका जंक्शन सुभाष नगर अंडर ब्रिज के पास डिपो बनाया जाना है। इसके चलते स्टड फार्म की 50 से 80 एकड़ जमीन मांगी गई थी। इसके लिए जमीन चिन्ह्त करने का काम तहसीलदार शहर वृत्त एचएस विश्वकर्मा ने कर लिया है। अब इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। जमीन आरक्षित होने के बाद मेट्रो रेल कार्पोरेशन के नाम आवंटित की जाएगी।

मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को लेनी होगी रेलवे की जमीन –

सूत्र बताते हैं कि मेट्रो रूट जिन स्थानों से होकर गुजर रहा है उसमें 60 फीसदी से ज्यादा जमीन पश्चिम मध्य रेलवे की है। मेट्रो का रूट फाइनल करने से पहले रेलवे से यह जमीन लेनी होगी। दोनों की सहमति के बाद इन क्षेत्रों में फैले अतिक्रमण हटाए जाएंगे।

इन दो रूट के लिए 6980 करोड़, जबकि पूरा प्रोजेक्ट 21 हजार करोड़ का –

जानकारी के अनुसार चुनिंदा दो रूट के लिए 6980 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं, जबकि पूरे प्रोजेक्ट की लागत 21 हजार करोड़ रुपए के आसपास है। लाइट मेट्रो के पहले चरण में दो रूट फाइनल हो गए हैं। हाईटेंशन लाइन हटाने के लिए आने वाला खर्चा भी रूट में जोड़ा गया है।

इन दो रूट पर पहले शुरू होगी मेट्रो –

पहला रूटः करोंद चौराहा, भोपाल टॉकीज, रेलवे स्टेशन, भारत टॉकीज, बोगदा पुल, सुभाष नगर अंडरब्रिज, डीबी मॉल, बोर्ड ऑफिस चौराहा, हबीबगंज नाका, अलकापुरी बस स्टैंड और एम्स।

लंबाईः 12.8 किमी –

दूसरा रूटः भदभदा, डिपो चौराहा, जवाहर चौक, रोशनपुरा चौराहा, मिंटो हॉल, लिली टॉकीज, जिंसी डिपो, बोगदा पुल, प्रभात चौराहा, अप्सरा टॉकीज, गोविंदपुरा इंडस्ट्री एरिया से जेके रोड।

लंबाईः 8.65 किमी।

जमीन चिन्ह्त करने का कार्य जारी –

मेट्रो का डिपो बनाने के लिए स्टड फार्म की जमीन का चिन्हांकन किया जा रहा है। इसका प्रस्ताव बनाकर कलेक्टर को सौंप दिया है। इसके अलावा कुछ अधिक्रमण भी है जिसे चि-त किया जा रहा है।

एचएस विश्वकर्मा, तहसीलदार, शहर वृत्त

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