Published On: Sun, Apr 2nd, 2017

रामकथा : रामनवमीं पर एक-एक पौधा लगाएं, शराब नहीं, प्रभु नाम का रस पीयें , बापू

BAPU_jpg14_1490868806लाल परेड मैदान स्थित मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में  आयोजित राम कथा के तीसरे दिन गुरुवार को संत मुरारी बापू ने उपस्थित जनमानस को पर्यावरण संरक्षण और नशे के खिलाफ उठ खड़े होने का संकल्प दिलाया। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे। बापू ने कहा कि, वे रामनवमीं पर खुद 11 पौधे रोपेंगे।

संत मुरारी बापू ने जनमानस को दो संकल्प दिलाए। पहला यह है कि वे अपने शहर के पर्यावरण की सुरक्षा व संरक्षण के लिए आगामी 5 अप्रैल को राम नवमीं पर एक-एक पौधा अवश्य लगाएं। कथा में उपस्थित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से उन्होंने कहा कि इस दिन वे जहां कहेंगे, 11 पौधे वे खुद अपने हाथ से रोपेंगे। बापू ने कहा कि वैसे तो भोपाल हरा-भरा और ताल-तलैयों का शहर है, जिसकी सुंदरता कायम रहे, इसके प्रयास होते रहना चाहिए।-उनका दूसरा संकल्प उन लोगों के लिए था, जो शराब का सेवन करते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी बजाए प्रभु नाम का रस पीयो। इसकी खुमारी में जो आनंद है, वह दूसरी वस्तु में नहीं।-बापू ने स्पष्ट किया कि वे कहते हैं कि विष्णु का दसवां अवतार सद् गुरु हैं, तो जरूरी नहीं कि गुरु कोई व्यक्ति ही हो। वह ग्रंथ के रूप में भी हो सकता है। व्यक्ति पूजा होनी भी नहीं चाहिए। गुरु व्यक्ति नहीं एक अस्तित्व होता है।-संत बापू ने कहा कि प्रकट हुए परमात्मा ब्रह्मा द्व‌ारा बनाई सृष्टि की उत्पत्ति नहीं हैं। यह उससे भी ऊपर हैं। परमात्मा के बारे में कहा भी गया है कि आप प्रकट भये विधि न बनाए।
-बापू ने भक्तों से कहा कि जिस दिन आपके ह्रदय में राम प्रकट हों, उसी दिन राम नवमी समझ लेना। नर रूप में वे हरि है, पर हैं वे वैष्णव अर्थात अनंत हैं। राम और विष्णु में भेद करना पानी और बर्फ जैसी बात है। पानी जमने पर बर्फ बनता है, पिघलने पर वह फिर पानी बन जाता है। इसलिए राम और विष्णु एक ही हैं। नाम अलग-अलग हैं।

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